India China LAC Tensions: Galwan, Laddakh, Depsang और Finger Area को कितना जानते हैं आप?

79k Views    6/29/2020
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लद्दाख अपनी ख़ूबसूरती और दूभर पहाड़ी इलाक़े की वजह से मशहूर है. बीते कई सप्ताह से ये इलाक़ा भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है. हाल में ही केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख की एक अलग ही भौगोलिक संरचना है. यहां की पहाड़ियां हिमालय पवर्त श्रृंखला का हिस्सा हैं. यहां झीलें हैं, बर्फ़ से ढके पहाड़ हैं और संकरे दर्रे हैं. हिमालय के भू-भाग को समझे बिना भारत और चीन के बीच चल रहे मौजूदा विवाद को समझ पाना मुश्किल है. करोड़ों साल पहले नियो टेथिस महासागर की लहरें जिस तट से टकराईं उसे आज के वक्त में तिब्बत कहा जाता है. उस वक्त, इंडियन प्लेट कहीं मौजूद नहीं थी. देहरादून स्थित सरकारी संस्थान वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (डब्ल्यूआईएचजी) के वैज्ञानिक प्रदीप श्रीवास्तव के मुताबिक़, "चार-पांच करोड़ साल पहले भारतीय प्लेट पैदा हुई और इसकी एशियन प्लेट (मौजूदा तिब्बत) से टक्कर ऐसी ही दूसरी घटनाओं के जैसी थी." धीरे-धीरे भारतीय प्लेट नीचे चली गई और यह पूरा महासागर आसपास बिखर गया. झीलें और नदियां जो कि अब तक मौजूद नहीं थीं, अस्तित्व में आ गईं. साथ ही विशाल पहाड़ों की एक श्रृंखला का भी जन्म हुआ. श्रीवास्तव कहते हैं, "इस टक्कर ने सब कुछ बदल दिया. हिमालय पर्वत अस्तित्व में आया. मॉनसून की हवाएं इस इलाके में पहुंचकर रुकने लगीं. ऐसे में एक हरा-भरा लद्दाख एक शुष्क और बेहद ठंडे रेगिस्तान में तब्दील हो गया. बारिश अब पहाड़ों में अंदर नहीं पहुंच सकती थी." ऐसे में टक्कर या टकराव ही इसकी खासियत है. लद्दाख पहले की तरह अभी भी वही टकराव का इलाका है. यह एक अति-प्राचीन भौगोलिक घटना थी. अब इस इलाके के इतिहास पर नज़र डालते हैं.


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